चंद्र ग्रहण के बाद अलवर जिले में हर्षोल्लास से मना रंगों का पर्व होली।

चंद्र ग्रहण के बाद अलवर जिले में हर्षोल्लास से मना रंगों का पर्व होली।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
 
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- रंगों का पावन पर्व होली बुधवार को अलवर शहर सहित जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों में हंसी-खुशी, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। मंगलवार को चंद्र ग्रहण होने के कारण अधिकांश लोगों ने सनातन परंपराओं का पालन करते हुए होली नहीं खेली, लेकिन बुधवार सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पूरे उत्साह के साथ रंगोत्सव मनाया गया।
सुबह से ही घर-घर महिलाओं ने गुलाल और अबीर से तिलक कर होली खेली। लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं और मिठाइयां खिलाकर प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में होली का उत्साह देखने को मिला।
बदलते मौसम और पर्यावरणीय जागरूकता को ध्यान में रखते हुए इस बार पानी की होली कम और अबीर-गुलाल व फूलों की होली अधिक देखने को मिली। जहां पहले बड़े-बड़े होदों में पानी भरकर रंगों से सराबोर हुआ जाता था, वहीं अब पानी की कमी के चलते वह परंपरा धीरे-धीरे लुप्त होती नजर आ रही है। वर्तमान समय में सूखी होली और फूलों की होली का चलन बढ़ रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
फाल्गुन मास से चैत्र मास तक मनाया जाने वाला यह रंगोत्सव क्षेत्र में होली महोत्सव के रूप में उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। पूरे जिले में शांति एवं सौहार्द के साथ त्योहार संपन्न हुआ। होली के अगले दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा

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