आई.एफ. डब्लू.जे. प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौर और पत्र कारिता की अस्मिता और ओरण-गोचर पर आंच
आई.एफ. डब्लू.जे. प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौर और पत्र कारिता की अस्मिता और ओरण-गोचर पर आंच -- कैलाश चंद्र कौशिक जयपुर! पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रशासनिक शक्ति के दुरुपयोग द्वारा कुचलने कुचक्र चालू है। जैसलमेर की सांस्कृतिक और पारिस्थितिक धरोहर, 'ओरण एवं गोचर' भूमि के संरक्षण की आवाज उठाना आज एक वरिष्ठ पत्रकार के लिए उनके अस्तित्व की लड़ाई बन गया है। आईएफडब्ल्यूजे (IFWJ) के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़, जिन्होंने सौर ऊर्जा परियोजनाओं के नाम पर अरबों-खरबों के निवेश की आड़ में हो रही ओरण-गोचर भूमि आवंटन की कथित धांधलेबाजी के खिलाफ स्वर मुखर किया, आज वे स्वयं सरकारी तंत्र के भीषण कोपभाजन बने हुए हैं। जब जुलाई माह में इन संवेदनशील भूमियों के आवंटन की प्रक्रिया पुनः शुरू हुई, तो जन-आक्रोश के बीच श्री राठौड़ ने एक पत्रकार और संगठन प्रमुख के उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। विडंबना यह है कि जनहित में उठाई ग...