राम नाम का जाप करने से मिलेगा जीवन में शांति व चिंता एवं रोग से छुटकाराः आचार्य रामदयाल जीरामनिवास धाम में फूलडोल के पहले दिन पेश की भाईचारे की मिसाल
राम नाम का जाप करने से मिलेगा जीवन में शांति व चिंता एवं रोग से छुटकाराः आचार्य रामदयाल जी
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा रामस्नेही संप्रदाय की मुख्यपीठ रामनिवास धाम में मंगलवार बुधवार-गुरुवार को फूलडोल महोत्सव का थाल और शोभा यात्रा सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल के साथ हुआ। पहले ही दिन सूरजपोल के पास संतों की पंगत स्थल पर फकीर शाह समुदाय के महिला-पुरुषों को संप्रदाय की ओर से विशेष सम्मान के साथ भोजन कराया गया और उनके परिजनों के लिए प्रसादी दी गई।
खास बात यह रही कि जो प्रसादी संत स्वयं ग्रहण करते हैं, वही श्रद्धा-सम्मान के साथ फकीर समुदाय को भी परोसी गई। इसमें चावल व चवला अलग से, मिठाई और रामद्वारा में विशेष रूप से तैयार किए गए लड्डू शामिल रहे। कार्यक्रम की अगुवाई रामस्नेही संप्रदाय के भंडारी संत शंभराम महाराज एवं रामस्नेही संत तोताराम खाचरोद ने की। संतों के हाथों प्रसादी पाकर फकीर शाह समुदाय के लोग भावविभोर दिखे और इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताया। फकीर शाह समुदाय के प्रतिनिधि कय्युम शाह ने इस अवसर पर रामस्नेही संप्रदाय और संप्रदाय के पीठाधीश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके लिए दुआ मांगी। भंडारी संत शंभूराम महाराज ने कहा कि संप्रदाय में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और जियो और जीने दो का सिद्धांत ही इसकी आत्मा है। संत तोताराम खाचरोद ने कहा कि सनातन संस्कृति की इससे बड़ी मिसाल क्या हो सकती है कि फकीर समुदाय के लोग यहां आते हैं और उन्हें पूरे सम्मान के साथ संतों जैसी ही प्रसादी दी जाती है। महोत्सव के पहले दिन प्रतिवर्ष यह आयोजन होता है और आज के वैश्विक दौर में भी यह परंपरा जीवित है। इस मौके पर सूर्यप्रकाश बिड़ला ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए जयकारे लगाए।
मेले के दूसरे दिन रात्रि को आचार्य श्री रामदयाल जी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि भक्तजन एवं श्रद्धालुओं को मन में शांति एवं प्रशन चाहते हो तो महाप्रभु स्वामी रामचरण जी की तपस्या से महाराज का राम नाम का जाप करने से आपको जीवन में शांति व चिंता एवं रोग से छुटकारा मिलेगा।
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