राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय में जेंडर संवेदनशीलता पर व्याख्यान
*राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय में जेंडर संवेदनशीलता पर व्याख्यान
उदयपुर संवाददाता जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा राजस्थान के आदेश की अनुपालना में राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय, उदयपुर में “राजस्थान राज्य महिला नीति–2021” के अंतर्गत आंतरिक शिकायत समिति द्वारा जेंडर संवेदनशीलता विषय पर एक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेंडर रूढ़िवादिता को रोकना तथा महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े मुद्दों के प्रति संस्थाओं, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाज को संवेदनशील बनाना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री संजय जोशी, उपनिदेशक, महिला अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार, उदयपुर उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में जेंडर एवं लिंग के अंतर को स्पष्ट करते हुए समाज में बालिकाओं व महिलाओं के प्रति सोच पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन और उन्हें समान दर्जा दिया जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन में महिला अधिकारिता विभाग, उदयपुर द्वारा संचालित विवाह पूर्व संवाद केंद्र “तेरे मेरे सपने” के अंतर्गत प्रदान की जा रही विवाह पूर्व परामर्श सेवाओं की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में विमला वीरवाल, जेंडर स्पेशलिस्ट ने विभागीय योजनाओं के अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। मुख्य वक्ता प्रो. गायत्री तिवारी ने जेंडर संवेदनशीलता विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए समाजीकरण, असमाजीकरण एवं असामाजिकता की अवधारणाओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य एक सामाजिक धरोहर है तथा विवाह के पारंपरिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में विवाह को एक इवेंट के रूप में प्रस्तुत किए जाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने यह भी कहा कि महिला और पुरुष एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि पूरक हैं, अतः उन्हें सहयोग की भावना से आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने “तेरे मेरे सपने” संवाद केंद्र के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में आंतरिक शिकायत समिति की समन्वयक प्रो. लाजवंती बनावत सहित प्रो. अशोक सोनी, प्रो. गीता स्वामी, डॉ. अंजु बेनीवाल, डॉ. सावित्री पाटीदार, डॉ. सुनीता आर्य, डॉ. कटारा नूतन, डॉ. मृणालिनी पारीक, प्रो. मंजू त्रिपाठी, प्रो. बिंदु कटारिया तथा महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस की छात्राओं द्वारा किया गया।
