आदर्श गांव हींता के किसानों का पीपलान्त्री गांव पौधरोपण एवं जल प्रबंधन कार्यक्रम
आदर्श गांव हींता के किसानों का पीपलान्त्री गांव पौधरोपण एवं जल प्रबंधन कार्यक्रम
उदयपुर संवाददाता जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। जल प्रबंधन एवं पौधे के महत्व को समझाने के उद्देश्य से आदर्श गांव हींता के 30 किसानों का भ्रमण पीपलान्त्री गांव में करवाया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आदर्श हीता गांव के सरपंच एवं किसानों ने सहयोग प्रदान किया। साथ ही साथ कृषि पर्यवेक्षक एवं कृषि विज्ञान केन्द्र राजसमन्द के अध्यक्ष ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम में 30 किसानों ने भाग लिया जिसमें पुरुष एवं महिलाएं शामिल थी, इस भ्रमण कार्यक्रम के दौरान कृषि पर्यवेक्षक हुकम चन्द मीणा ने राजसमन्द केवीके का भ्रमण करवाया। इसके बाद डॉ. पी.सी. रेगर के सहयोग से पीपलान्त्री गांव का भ्रमण करवाया। भ्रमणकर्ता भंवर सिंह ने इस कार्यक्रम को अधिक प्रभावी एवं जागरूक बनाने के लिए इसके इतिहास का महत्व समझाया। उन्होनें विस्तार रूप से बताते हुए कहा कि हमारे गांव में संतान के जन्म के उपलक्ष्य में 111 पौधे लगाने की परम्परा है तथा उन्होनें पीपलान्त्री गांव के सरपंच साहब श्याम सुन्दर पालीवाल की इस पहल को शुरूआत करने में महत्वपूर्ण भूमिका बताई। साथ ही साथ आदर्श हीता गांव के किसान लोगों को सलाह दी कि ऐसा करने से हमारे गांव की चारागाह भूमि एवं प्राकृतिक सुन्दरता में वृद्धि हुई है, ऐसा करके हम आत्मिक रूप से बहुत खुश है, इसके अलावा पशुपालन में भी वृद्धि हुई है। प्रसार शिक्षा निदेशालय की और से आदर्श हीता गांव के किसानों ने पीपलान्त्री गांव के समतुल्य बनाने की अपील की। साथ ही साथ ग्राम पंचायत के वार्ड पंचों ने एवं ग्रामीणों ने इस पहल की बहुत प्रशंसा की तथा ऐसा गांव बनाने का प्रयास जीवनपर्यन्त करने की भी प्रेरणा प्राप्त की।
इस कार्यक्रम के अन्तिम चरण में कृषि पर्यवेक्षक ने पौधरोपण एवं जल संरक्षण के लिए सभी किसानों, ग्राम पंचायत के सभी वार्ड पंचों एवं सरपंच को जिम्मेदारी सौंपी साथ ही साथ किसानों को कृषि का महत्व समझाया। सभी किसान लोगों ने महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
वानिकीकरण को धन्यवाद दिया और कार्यक्रम की प्रशंसा की।
