जयपुर श्री श्याम जन सेवा समिति झोटवाड़ा जयपुर के अध्यक्ष ओम प्रकाश कुमावत ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर रिंगस रेलवे स्टेशन की विभिन्न समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की है


 जयपुर श्री श्याम जन सेवा समिति झोटवाड़ा जयपुर के अध्यक्ष ओम प्रकाश कुमावत ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर रिंगस रेलवे स्टेशन की विभिन्न समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की है



 सम्माननीय रेलमंत्री जी, रेल भवन, नई दिल्ली 


*क्या* 

क्या रिंगस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहले जहां छोटी लाइन के सिग्नल थे वहां लगेंगे एवं इन लाइनों का क्रॉसिंग नेशनल हाईवे 52 की उत्तर दिशा की ओर से मिलाई जाएगी? जिससे रिंगस जंक्शन के चौड़े चौड़े प्लेटफार्म होंगे और गाड़ियां रिंगस जंक्शन के बीचों बीच खड़ी होगी.

*क्या*

जयपुर रिंगस सीकर डबल रेल लाइन होगी 

*क्या* 

फुलेरा रिंगस रेवाड़ी डबल रेल लाइन होगी 

*क्या* 

अलवर से डीडवाना मात्र 165 किलोमीटर की दोहरी नई रेलवे लाइन वाया विराटनगर शाहपुरा अजीतगढ़ रिंगस खाटू श्याम जी दातारामगढ़ कब तक डालेगी 

यदि यह रेलवे लाइन डालती हैं *तो* देश की सुरक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण रेलवे लाइन होती है, 

जो *नेपाल बॉर्डर से पाकिस्तान बॉर्डर* को जोड़ती है, 

जिसका रास्ता होगा नेपाल से पीलीभीत बदायूं हाथरस मथुरा अलवर विराटनगर शाहपुरा अजीतगढ़ रिंगस खाटू श्याम जी दातारामगढ़ डीडवाना मेड़ता रोड जोधपुर जैसलमेर बाड़मेर.


परम सम्माननीय प्रधानमंत्री जी, *जून, 2009 में रेल मंत्रालय* द्वारा *मात्र 65 किलोमीटर* की दोहरी रेलवे लाइन *रिंगस से डीडवाना* तक स्वीकृत हुई थी, जो आज 17, 18 वर्ष पूरे होने के बाद भी नहीं डाल पाई. 

ऐसा क्यों? 

सुनने में आता है?


परम सम्माननीय मोदी जी, द्वारा जितने भी कार्य पिछले कई दशकों से रुके हुए थे, 

पिछली सरकारों के कारण, कई वर्षों से रुके हुए थे, 

उन कार्यों को सबसे पहले प्राथमिकता देते हैं, 

तो *श्याम भक्तों* के लिए आपकी यह प्राथमिकता कहां चली गई, 

कृपया 

*श्याम भक्तों को और देश की जनता* को भी बताने की कृपा करें. 


परम सम्माननीय जी, 

दुनिया में सबसे ज्यादा यदि भक्त दर्शन करने आते हैं तो *खाटू श्याम जी* में आते हैं, 

आप इसका रिकॉर्ड उठा कर देख सकते हैं,

लेकिन पता नहीं आपका ध्यान खाटू श्याम जी की और क्यों नहीं है? 

रिंगस जंक्शन की ओर क्यों नहीं है? 

*हमें एवं श्याम भक्तों को सनातन धर्म प्रेमियों* को बड़ी तकलीफ होती है 

ऐसा क्यों? 

आप सनातन प्रेमी है, 

फिर भी आप रिंगस जंक्शन की ओर किसी प्रकार का ध्यान नहीं दे रहे हैं 

*ऐसा क्यों* 

यह सबसे बड़ा विचारणीय विषय है?


परम सम्माननीय प्रधानमंत्री जी, रिंगस जंक्शन, जयपुर मंडल का द्वितीय रेल राजस्व देने वाला जंक्शन है, जबकि रिंगस जंक्शन होकर लंबी दूरी की गाड़ियां नहीं चल रही है,  

जैसे कोलकाता वाराणसी सोमनाथ अयोध्या लखनऊ द्वारकाधीश जम्मू कटरा मां वैष्णो देवी श्रीनगर पठानकोट लुधियाना जालंधर हरिद्वार ऋषिकेश देहरादून मद्रास बेंगलुरु कामाख्या गुवाहाटी रक्सौल विशाखापट्टनम की प्रतिदिन की गाड़ियां नहीं चल रही है, फिर भी रिंगस जंक्शन इतना बड़ा रेल राजस्व दे रहा है, मुंबई से दिल्ली हरिद्वार ऋषिकेश देहरादून वाया रिंगस जंक्शन होते हुए एवं कलकत्ता से हरिद्वार ऋषिकेश देहरादून एवं यहां तक की जयपुर से दिल्ली सीधा रास्ता वाया रिंग्स नीमकाथाना नारनौल है, की भी एक भी गाड़ी प्रतिदिन की वाया रिंगस जंक्शन होकर नहीं है, कोलकाता से जम्मू कटरा मां वैष्णो देवी वाया जयपुर रिंगस सीकर झुंझुनू लोहारू राजगढ़ हिसार लुधियाना जालंधर पठानकोट जम्मू कटरा मां वैष्णो देवी श्रीनगर होते हुए एक भी गाड़ी नहीं है, ऐसा क्यों? 

यह सबसे बड़ा विचारणीय विषय है,

रिंगस जंक्शन पर 500 सवारी गाड़ियों की मेंटेनेंस यार्ड क्यों नहीं है, 

यह रिंगस जंक्शन के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य का विषय है, आपसे विनम्र प्रार्थनाये है, कृपया रिंगस जंक्शन पर लगभग 500 सवारी गाड़ियों की मेंटेनेंस यार्ड बनाने की कृपा करें, जिससे जयपुर जोधपुर बीकानेर अजमेर दिल्ली हिसार की सवारी गाड़ियों की मेंटेनेंस रिंगस जंक्शन यार्ड का लोड कम हो सके और *रिंगस जंक्शन पर समस्त हिंदुस्तान के बड़े शहरों एवं धार्मिक स्थलों की गाड़ियां* आ जा सके और रिंगस जंक्शन से शुरू हो सके, जिससे भारतीय रेलवे को *हजारों करोड रुपए का रेल राजस्व* भी मिलेगा, लेकिन पता नहीं इस देश में क्या हो रहा है, यह देश की राजनीति इस देश की जनता के साथ क्या करना चाहती है, यह सबसे बड़ा विचारणीय विषय है.


परम सम्माननीय जी, आपसे हमारा विनम्र आग्रह है, *रिंगस जंक्शन को अयोध्या रेलवे स्टेशन* की जैसे डेवलप किया जाए, आपकी बहुत बड़ी मेहरबानी होगी, जिससे समस्त हिंदुस्तान ही नहीं *पूरी दुनिया से आने वाले श्याम भक्तों* को अच्छी से अच्छी सुविधा मिल सके, आपकी बहुत बड़ी श्याम भक्तों पर कृपा होगी.


साथ ही रिंगस जंक्शन पर पहले जहां छोटी लाइन के सिग्नल जहां लगे हुए थे, उस वक्त गाड़ियां रिंगस जंक्शन के बीचों बीच खड़ी होती थी, लेकिन अब इन सिगनलों को दक्षिण दिशा में लगा दिया गया है, जिससे छोटे-छोटे प्लेटफार्म बने हैं, और गाड़ियां प्लेटफार्म बीच में खड़ी नहीं होती है, जिससे यात्रियों को चढ़ने उतरने में बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है, अक्सर यात्री दुर्घटनाएं होती ही रहती हैं.

आपसे विनम्र आग्रह है, कृपया उत्तर दिशा में पुलिया के पास तक इन प्लेटफार्म को बढ़ाया जाए, जिससे चौड़े चौड़े प्लेटफार्म होंगे एवं इन समस्त लाइनों का क्रॉसिंग नेशनल हाईवे 52 के आगे से मिलाया जाना चाहिए, जैसे सीकर में मिलाए गए हैं.


परम सम्माननीय प्रधानमंत्री जी, इस पर गौर करने की कृपा करें, रिंगस जंक्शन दो पुलियाओं के बीच में बना हुआ है, जहां छोटी लाइन के सिग्नल थे, वहां पर बड़ी लाइन के सिगनलों को लगाया जावे, जिससे बड़े-बड़े प्लेटफार्म बनेंगे और चौड़े-चौड़े प्लेटफार्म बनेंगे, और उत्तर दिशा में जो नेशनल हाईवे 52 बना हुआ है, इससे आगे से समस्त लाइनों का क्रॉसिंग किया जावे, जो रेल हित, यात्री हित, देश हित में होगा एवं गाड़ियां रिंगस जंक्शन के बीचों-बीच खड़ी होगी, समिति पिछले 10, 12 वर्षों से मांग करती आ रही है, लेकिन उत्तर पश्चिम रेलवे के मंडल प्रबंधक महोदय, महाप्रबंधक महोदय एवं रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष महोदय इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं, ऐसा क्यों? 

यह सबसे बड़ा विचारणीय विषय है,

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