कच्ची बस्तियों में बिखरे समरसता के रंग**लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट का आध्यात्मिक चेतना अभियान बना खुशियों का सेतु*
*कच्ची बस्तियों में बिखरे समरसता के रंग*
*लक्ष्मणगढ़।* आज 2 मार्च 2026 सोमवार को रंगों का पर्व होली इस बार केवल उत्सव नहीं, बल्कि समरसता और भाईचारे का संदेश लेकर कच्ची बस्तियों में पहुंचा। लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित आध्यात्मिक चेतना अभियान के अंतर्गत प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रंगों का त्योहार कच्ची बस्तियों के भाइयों और बच्चों के साथ हर्षोल्लास एवं प्रेमपूर्वक मनाया गया।
ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने बच्चों और परिवारों को गुलाल लगाकर, मिठाई खिलाकर तथा पिचकारियां वितरित कर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। फाल्गुन के गीतों की मधुर धुन पर बच्चों ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। वातावरण रंग, उमंग और आनंद से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को बराबरी का एहसास दिलाना तथा ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर प्रेम और सौहार्द का संदेश देना रहा। ट्रस्ट ने सभी नागरिकों से अपील की कि रंगों के इस पावन पर्व को आपसी भाईचारे, सौहार्द और सच्चे मन से मनाएं, क्योंकि खुशियां बांटने से ही बढ़ती हैं।
जब कच्ची बस्तियों के बच्चों को पिचकारी, गुलाल और मिठाई वितरित की गई, तो उनके चेहरों पर झलकती खुशी ने कार्यक्रम को सार्थक बना दिया। ट्रस्ट के संरक्षक एवं पदाधिकारियों ने भी बच्चों के साथ नृत्य कर उत्सव की आनंदमय अनुभूति साझा की। जिस उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया था — “हर चेहरे पर मुस्कान” — वह पूर्णतः सफल होता नजर आया।
इस अवसर पर ट्रस्ट के संरक्षक गुरुजी रामनिवास शर्मा, सुभाष जोशी, प्रकाश पासोरिया, दीनदयाल जोशी, गिरधारी लाल जाजोदिया, प्रभारी राजेंद्र कुमार शर्मा, दिव्यांग प्रकोष्ठ प्रभारी कमल कुमावत, पवन कस्वा, अमित सोनी, बीजू कुमावत, महेंद्र घासोलिया, शशि प्रकाश कुमावत, महेश कुमावत सहित ट्रस्ट के सभी संरक्षक, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं कच्ची बस्तियों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल एक पर्व का उत्सव था, बल्कि सामाजिक समरसता, प्रेम और मानवता का सजीव उदाहरण बनकर सामने आया।