*नीमकाथाना नगर परिषद की गौर लापरवाही और लाल फिताशाही*
*नीमकाथाना नगर परिषद की गौर लापरवाही और लाल फिताशाही*
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नीमकाथाना नगर परिषद जो कि अधिकारियों एवं स्टाफ की भंयकर कमी से जूझ रहा है । राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों का रुझान नहीं के समान है। जनता अपने जरूरी कार्य हेतु कार्यालय का चक्कर काटकर परेशान हो चुकी ।
जी हां यह हाल है, नीमकाथाना पूर्व जिला वर्तमान उपखंड की हालत।
उक्त कार्यालय में एकमात्र सहायक अभियंता जिन्हें आयुक्त का अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। और वह सेवाएं दे रहे हैं । ए ई एन महोदय को नीमका थाना के वार्डों में अतिक्रमण की और सड़कों को फोड़ कर गटर /कुंई बनाई जा रही है ।वह भी आम रास्तों पर। इसकी सूचना वार्डों में आने वाले जमादार और कार्यालय तक होती है ।लेकिन जानबूझकर अपना मनमाना रवैया अपनाते हैं
जबकि नगर पालिका या परिषद द्वारा बनाई गई सड़क को किसी व्यक्ति द्वारा तोड़ने से पहले एन ओ सी नगर परिषद कार्यालय से लेनी अनिवार्य होती है।।। उसके पश्चात ही कोई व्यक्ति ,संस्था सड़क फोड़कर कार्य करने के बाद वापस सीमेंट और कंक्रीट से सही किया जाता है। *स्वंय सड़क फोड़ने वाले व्यक्ति द्वारा*
दुर्भाग्य यह है कि न तो कार्यालय से कोई लिखित या मौखिक परमिशन ली जाती है तथा राजकीय अवकाशों का लाभ उठाकर लोग वार्ड वासी स्वंय ही अधिकारी बन जाते हैं ,और वे भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण सरेआम करते रहते हैं।। इलेक्ट्रिक, प्रिंट ,मीडिया में भी यही न्यूज़ महीना पर पहले लग चुकी ,उसके बाद भी कोई संज्ञान नहीं ❓ यह बहुत ही विचारणीय पहलू है।आमजन प्रशासन को सूचना देने के उपरांत भी नहीं होती है कोई कार्रवाई।
दूसरा प्रकरण:- जैसा आप वीडियो में देख रहे हैं कि नगर पालिका क्षेत्र में कभी बीएसएनल की भूमिगत केबल डाली जाती है ,तो कभी अन्य कंपनियां एयरटेल ,जिओ इत्यादि कंपनी की भूमिगत केबल डाली जाती है । कंपनियों के कार्मिक अपना कार्य कर लेते हैं, जो की सात आठ फीट का गहरा खड्डा खोदकर किया जाता है , अपना कार्य तो कर लेते हैं ।और उसके बाद उसे सात आठ फीट गहरे खड्डे को वापस लीपा पोथी से भर दिया जाता है ।और उस पर घटिया स्तर का चैंबर लगा दिया जाता है ।जो मात्र एक या दो दिनों में ही टूट कर बिखर जाता है और वह जानलेवा खड्डे का रूप ले लेता है। वर्तमान में वर्षा के मौसम में कोई बच्चा या अन्य कोई व्यक्ति गलती से इन हादसों को न्योता दे रहे चेम्बरों में गिर जाएगा ,तो उसका जिम्मेवार कौन होगा ।।जबकि भूमिगत केबल डालने वाले ठेकेदारों से जब रिपोर्टर ने बात की तो उन्होंने कहा कि हमने पीडब्लयुडी एवं नगर परिषद कार्यालय में इनके द्वारा बनाई गई सड़कों को क्षतिग्रस्त और उनको वापस ठीक करने में लगने वाली व्यय राशि इन विभागों में जमा है ।इसमें यह लापरवाही नीमकाथाना के जिम्मेवार विभागों की ही है।। कि यह जानलेवा खड्डे कभी भी ,किसी भी के साथ किसी भी समय दुर्घटना घटित हो जाए, कोई पता नहीं❓ इसलिए आगामी मौसम को मध्य नजर रखते हुए नीम का थाना शहर के जितने भी हादसों को न्योता दे रहे खड्डे हैं, उनको सही और सुव्यवस्थित ढंग से दुरस्त किया जाए। जिससे कोई दुर्घटना ना हो।।
इलेक्ट्रिक न्यूज़ रिपोर्टर ,शिंभू सिंह शेखावत सीकर नीमकाथाना