दुबई में बाँदा की शहजादी को मिली मौत की सजा, परिवार ने प्रधानमंत्री से लगाई मदद की गुहार
दुबई में बाँदा की शहजादी को मिली मौत की सजा, परिवार ने प्रधानमंत्री से लगाई मदद की गुहार
सुभाष तिवारी लखनऊ
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की एक युवा लड़की, शहजादी, को दुबई की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। शहजादी, जो बचपन में एक दुर्घटना में चेहरे के जल जाने के बाद इलाज की आस में दुबई पहुंची थी, अब एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का केंद्र बन गई है। उसका परिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगा रहा है।
प्रेमजाल में फंसकर दुबई पहुंची
बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र के गोयरा मुगली गांव की रहने वाली शहजादी, 8 साल की उम्र में एक दुर्घटना में बुरी तरह से जल गई थी। कुछ साल पहले उसकी मुलाकात आगरा के उजैल नाम के युवक से फेसबुक पर हुई। उजैल ने शहजादी से उसके जले हुए चेहरे का इलाज दुबई में कराने का वादा किया। शहजादी, इलाज की उम्मीद में, 2021 में दुबई पहुंची और उजैल की बुआ के घर में रहने लगी।
धोखे का जाल
शहजादी के पिता शब्बीर खान का आरोप है कि उजैल ने उसकी बेटी को दुबई में फंसाने की साजिश रची थी। शहजादी जिस घर में रह रही थी, वहां एक अन्य परिवार भी था जिसमें एक दंपति अपने चार महीने के बच्चे के साथ रहते थे। अचानक बच्चे की मौत हो गई और इस घटना के लिए शहजादी को दोषी ठहरा दिया गया। आरोप है कि दबाव बनाकर शहजादी को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया गया।
मौत की सजा
यह मामला अदालत तक पहुंचा, और परिवार के अनुसार, कोई प्रभावी पैरवी न होने के कारण दुबई की अदालत ने शहजादी को मौत की सजा सुना दी। उसकी अपील भी खारिज कर दी गई है, और अब फांसी की तारीख 20 सितंबर के बाद कभी भी हो सकती है।
परिवार की अपील
भारत में शहजादी के पिता ने बांदा जिले के मटौंध थाना में उजैल और उसके रिश्तेदारों सहित 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मदद की गुहार लगाई है। शब्बीर का कहना है, "हमारी बेटी की जान खतरे में है। हमें विदेश मंत्रालय से आश्वासन मिला है, लेकिन समय तेजी से निकल रहा है।"
क्या भारत सरकार करेगी हस्तक्षेप?
शहजादी के परिवार ने भारत सरकार से उम्मीद लगा रखी है कि वह उनकी बेटी को इस मुश्किल से निकालने में मदद करेगी। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।
