नीमकाथाना के निकट पापड़ा ग्राम में विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में दुर्घटना का अंदेशा
*नीमकाथाना के निकट पापड़ा ग्राम में विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में दुर्घटना का अंदेशा
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नीमकाथाना के निकट पापड़ा ग्राम पंचायत में एक विद्यालय है ।जो की जर्जर अवस्था में है उसकी और जनप्रतिनिधि और गांव वाले तथा अध्यापक और अध्यापिकाओं का ध्यान नहीं जाता ,उन्हें सिर्फ एक महीने की तनख्वाह से मतलब है । बच्चों के साथ कोई कल को दुर्घटना होती है ।तो उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं होती ,सिर्फ दिखावा मात्र के लिए राज्य सरकार उनका दूसरी जगह स्थानांतरण करके ही इतिश्री कर लेते हैं। लेकिन विडंबना यह है कि जिन जिन घरों के बच्चे विद्या के मंदिर में पढ़ने के लिए जाते हैं ।वहां मौत के शिकार हो जाते हैं⁉️ और यह प्रशासन ,लापरवाह, नाकाम ,मुक दर्शक बना बैठा है।
यदि म ई ,जून के महीने में राजस्थान की संपूर्ण राजकीय विद्यालय ,राजकीय कार्यालय इन इनकी मॉनिटरिंग उच्च अधिकारी के निर्देशन में हो जाती तो आज हमें प्रतिदिन स्कूलों के गिरने की उसमें बच्चों के दुर्घटना होने की आदि प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित हो रही है ,यह नहीं होती ⁉️गांव का सरपंच गांव का प्रथम नागरिक कहलाता है उसका ही मुख्य कर्तव्य बनता है ।कि वह संपूर्ण गांव की मॉनिटरिंग करके जहां उसे व्यवस्था असुविधा दिखे उसका अविलंब जल्द से जल्द निस्तारण हो ।इसीलिए उसे गांव की जनता अपना अमूल्य वोट देकर सरपंच बनाती है लेकिन ऐसे होता नहीं है ❓ वर्तमान के जो भी सरपंच है उन्होंने पूरे 5 वर्ष में घर-घर के लो भर भर के लो की है ।, इन्होंने भ्रष्टाचार से रुपए तो बहुत इकट्ठे कर लिए अब इनके ऊपर इनकम टैक्स और एंट्री कैप्शन की रेड हो तो सच सबके सामने होगा।
क्योंकि यह गांव के सरपंच करोड़ों रुपए लगाकर अपनी जान झोंक देते हैं जीतने के लिए,,, क्यों क्योंकि उनको 5 साल के अंदर अपना घर भरना होता है ऐसा वह करते हैं। और कर रहे हैं ।इन पर किसी का कोई अंकुश नहीं है ।। विशेष तौर से राज्य सरकार का भी नहीं है।
राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अन्य फिजूल के कार्यों को छोड़कर देश के भविष्य अर्थात स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी गण उनकी संपूर्ण सुरक्षा हो ।अन्यथा स्थिति डांवाडोल हो जाएगी।
रिपोर्टर वॉइस ऑफ़ मीडिया शिंभू सिंह शेखावत राजस्थान
