गणगौर माता का मेला भरा, नवविवाहिताओं ने गणगौर की सवारी निकाली
गणगौर माता का मेला भरा, नवविवाहिताओं ने गणगौर की सवारी निकाली
पाटन।(के के धांधेला):-सदियों पुरानी चली आ रही परंपरा आज भी चली आ रही है इसी को लेकर आसपास के गांव एवं पाटन के होली चौक में गणगौर माता का मेला भरा। नवविवाहित युवतियों ने 16 दिन तक ईसर गणगौर की पूजा अर्चना की है तथा आज गणगौर माता को घर में बने पकवानों का भोग लगाकर मंगल गीत गाते हुए जल पिलाया। जिन नवविवाहित युवतियों ने गणगौर पूजी है कस्बे की महिलाओं ने भी उनके घर जाकर ईशर और गणगौर को घर में बने पकवानों का भोग लगाकर पानी पिलाया तथा सुख शांति की मन्नत मांगी। नवविवाहिताओं ने गणगौर माता की सवारी निकालकर गणगौर माता को धूमधाम के साथ विदा किया। कस्बे की महिलाओं ने नीमकाथाना रोड पर स्थित पथवारी माता के जाकर माता के जल चढ़ाया और सुख शांति की मन्नत मांगी। हालांकि शुक्रवार को पूरे दिन मौसम खराब रहा उसके बाद भी मेले में खिलौने वाले, मणिहारी का सामान बेचने वाले, चाट पकौड़ी वाले, आदि की दुकानें देखने को मिली। एक पुरानी कहावत यह भी है कि "तीज त्योहारा बावड़ी ले डूबी गणगौर," यानी गणगौर के बाद अब तीज आने पर ही त्योहारों की शुरुआत होगी।
