नीमकाथाना में सुभाष मण्डी अन्नपूर्णा रसोई के पीछे गली में अतिक्रमणौ की भरमार नगर परिषद मूकदर्शक।।
नीमकाथाना में सुभाष मण्डी अन्नपूर्णा रसोई के पीछे गली में अतिक्रमणौ की भरमार नगर परिषद मूकदर्शक।। नीमकाथाना में सुभाष मंडी में अन्नपूर्णा रसोई के पीछे की गली में अतिक्रमण इस कदर हावी है ,कि वह गली लगभग 20 फुट से ऊपर थी ।।।जो की वर्तमान में अतिक्रमण होने पर से (दोनों और)6 फुट भी नहीं रही है? क्योंकि नीमकाथाना नगर परिषद में तो धनबल ,व ऊंचे रसूखदारों से एवं राजनीतिक लाबी के दबाव में नहीं ,होने वाले कार्य भी हो जाते हैं ।। ऐसा इसलिए की नगर परिषद को ,,,सरकारी जमीन के बदले वोट बैंक ,,,का जो ढ़र्रा पिछले 50 सालों से हो रहा है। वही आज भी कायम है।। इस गली में जो अतिक्रमण हो रहा है वह नगर परिषद की शह से ही हो रहा है ।अन्यथा कोई दूसरा व्यक्ति ऐसा करता है ।तो नगर परिषद उस पर जुर्माना लगा देती ,और जब्ती की भी कार्रवाई कर देती है।।। लेकिन ऐसा इस गली में नहीं होता❓ क्योंकि वहां पर जितनी भी दोनों और दुकानें हैं वह सभी ऊंचे रसूखदारोंऔर पूंजीपति वर्ग के लोगों की है। और वह नगर परिषद का वोट बैंक भी है ☑️सो वहां अतिक्रमण होना लाजमी है ❓लेकिन मुख्य जो कॉर्नर पर दुकान है उसने बिना किसी नगर परिषद की मंजूरी के लगभग 5 फुट आगे तक लोहे के बेंच और यूं पक्का निर्माण सा करके उसे गाली को लगभग 5 फुट से ऊपर तो इसी दुकानदार ने ढ़क दिया ठीक है ऐसा ही इसी गली के चलते-चलते रामलीला मैदान के जो मुख्य कॉर्नर पर दुकानदार है, बर्तन भंडार वाला अनिल उसने भी अपना लवाजमा भी इसी प्रकार से फैला रखा है। और इस गली को पूर्णतया बाधित कर रखी है। गौरतलब है की यह नीमकाथाना के बीचो-बीच स्थित हृदंयस्थंल से भी अतिक्रमण नगर परिषद के द्वारा नहीं हटाया जाता⁉️ यदि यह अतिक्रमण हटाया जाता है, जैसे कि विनायक साड़ी के मालिक पंकज अग्रवाल ने अपना अतिक्रमण हटाया है, उसी प्रकार इस संपूर्ण गली में यदि प्रत्येक दुकान से आगे का अतिक्रमण हटाया जाए तो यह गली वापस लगभग 25 फुट के आसपास हो जाएगी, जिससे रास्ता भी सुगम हो जाएगा ।और नीमकाथाना भी शहर के जैसा दिखने लगेगा। नगर परिषद नीमकाथाना के आयुक्त महोदय ,इस गली को नियम अनुसार सिटी सर्वे के नक्शे को मध्य नजर रखते हुए जांच निष्पक्ष की जाएगी ☑️तो अनेकों चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे,,